जिले में 4.5 लाख मतदाताओं का दो-दो जगह नाम, प्रशासन को ये भी नहीं पता कि 40% वोटर किस क्षेत्र के निवासी

जयपुर जिले में साढ़े चार लाख मतदाताओं का एक से ज्यादा स्थानों पर मतदाता सूचियों में नाम हाेने का मामला सामने अाया है। जिला प्रशासन व जिला निर्वाचन विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद अभी तक दाेहरे नाम वाले मतदाताओं का भौतिक सत्यापन नहीं हाे पाया है। हालात यह है कि निकाय चुनाव सिर पर है और अभी तक 40 प्रतिशत से अधिक वोटर्स के बारे में प्रशासन काे क्लियरिटी नहीं है कि मतदाता किस विधानसभा क्षेत्र के स्थायी निवासी हैं। असली मतदाताओं का सत्यापन करवाने के लिए निर्वाचन आयोग ने सत्यापन अभियान चलाया है। 1 सितंबर से शुरू हुए सत्यापन कार्य काे 15 अक्टूबर तक पूरा करना है परंतु जयपुर जिले में अब तक 40 प्रतिशत ही सत्यापन कार्य हाे पाया है।


ये कैसा सिस्टम? एक ही व्यक्ति के दो-दो वोटर आईडी कार्ड बन गए


ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में ऐसे मतदाता हैं जिन्होंने नौैकरी या कारोबार के लिए स्थान बदलने के साथ विधानसभा क्षेत्र भी बदल लिया। इसके बाद भी पुराने विधानसभा क्षेत्र के निवास स्थान से मतदाता सूची से नाम नहीं हटवाए। इस तरह एक व्यक्ति के दो वोटर आईडी कार्ड बन गए। 


जबकि यह दंडनीय अपराध 


जिला निर्वाचन अधिकारी व जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव का कहना है कि दाे स्थानों पर निर्वाचक नामावलियों में नाम दर्ज हाेना दंडनीय अपराध है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया जा सकता है। जुर्माने के साथ एक वर्ष के कारावास का प्रावधान है। दाे स्थानों पर मतदाता सूचियों में नाम हाेने पर मतदाता खुद आगे आकर इसकी जानकारी दें। मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॅार्म 7 भरना रहता है। निर्वाचन विभाग के पास एक ही जिले में दाे नाम हाेने का ट्रैकिंग सिस्टम ताे है लेकिन इंटर डिस्ट्रिक के नाम जानने का ट्रैकिंग सिस्टम नहीं है। जिससे यह खामी पता नहीं चलती।


मुश्किल ये कि...फर्जी वोटिंग की आशंका 
जिला निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की समस्या शहर में ज्यादा है। लाेग अपने निवास एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में बदल रहे है। नए विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज करवा लिया लेकिन फॅार्म 7 भरकर अपने नाम नहीं कटवाए। शहर के किशनपाेल, हवामहल, आदर्श नगर और ग्रामीण में दूदू, चाकसू , विराट नगर, जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में यह समस्या सबसे अधिक है जहां मतदाताओं ने स्थान बदला लेकिन मतदाता सूचियों से नाम हटवाए। इससे कई तरह की समस्या आ रही है। असली मतदाता  मतदान से संबंधित आंकड़े सटीक नहीं आ रहे हैं। दाे स्थानों पर नाम हाेने से फर्जी मतदान की भी अशंका रहती है।